रुचिपूर्ण शिक्षण: सन् 1994 में यूनीसेफ के सहयोग से वित्त पोषित रुचिपूर्ण शिक्षा कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया है।
रुचिपूर्ण शिक्षण (Interesting Teaching)

रुचिपूर्ण शिक्षण का अर्थ (Meaning of Interesting Teaching)
रुचिपूर्ण शिक्षण बालकों को शिक्षा देने हेतु आकर्षक एवं बाल-केन्द्रित शिक्षा प्रणाली का वहीं रूप है। यह एक समयबद्ध कार्यक्रम है जिसमें बालकों को आनन्ददायक कार्यक्रम एवं शिक्षक का पक्षपातपूर्ण वातावरण, मित्र रहित आत्मीय व्यवहार है।
इसके अन्तर्गत बालकों को गीतों, खेलों, कहानियों आदि के माध्यम से शिक्षण प्रदान किया जाता है। रुचिपूर्ण शिक्षण एक रणनीति है यह एक ऐसी विधा है जो शिक्षण को रोचक एवं प्रभावी बनाती है तथा शिक्षा सार्वजनीकरण लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक है।
रुचिपूर्ण शिक्षण के उद्देश्य (Aims of Interesting Teaching)
- इस शिक्षण का मुख्य लक्ष्य ज्ञान एवं व्यवहार की दूरी को समाप्त कर शिक्षा को जीवन से जोड़ना है।
- बालकों को विद्यालय में ठहराव तथा गुणात्मक शिक्षा की सम्प्राप्ति करना।
- विद्यालय के बाह्य एवं आन्तरिक सौन्दर्यीकरण करके उसे एक रुचिपूर्ण क्रिया केन्द्र के रूप में विकसित करना।
- शिक्षक का एक मित्र एवं सहयोगी के रूप में कल्पना करना।
- स्वनिर्मित एवं स्थानीय परिवेश में उपलब्ध सामग्री को शिक्षण सहायक सामग्री के रूप में प्रयुक्त करना।
- समुदाय का सहयोग प्राप्त करना।
- शिक्षा में ह्रास एवं अवरोध को रोकना।
- निर्धारित दक्षताओं सम्बन्धी कौशलों का विकास करके न्यूनतम अधिगम स्तर को प्राप्त करना।
- शिक्षकों की आपसी समझ और सहयोग की भावना को प्रोत्साहित कर उनकी बौद्धिक, सृजनात्मक व कलात्मक दक्षताओं का समुचित उपयोग करना।
- शिक्षकों की व्यवसायिक दक्षता में वृद्धि करने के अवसर प्रदान करना।
- शिक्षकों की स्व-प्रतिभा विकास का अवसर प्राप्त करना।
रुचिपूर्ण शिक्षण-प्रशिक्षण की प्रक्रिया (Process of Interesting Teaching Training)
रुचिपूर्ण शिक्षण-प्रशिक्षण प्रक्रिया एक सुनियोजित क्रिया है। इस कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु बेसिक शिक्षा निदेशालय लखनऊ के अधीन राज्य स्तर पर रुचिपूर्ण शिक्षा प्रकोष्ठ की स्थापना की गयी है, जो विभागीय अधिकारियों, यूनीसेफ, जनपदीय टास्क फोर्स, डाइट तथा प्राथमिक शिक्षक संघ के साथ समन्वय स्थापित करते हुए कार्यक्रम का निर्माण, नियोजन तथा प्रशिक्षण की व्यवस्था करता है।
कार्यक्रम का संचालन यूनीसेफ द्वारा प्रदत्त वित्तीय सहायता के द्वारा किया जाता है। जनपद स्तर पर इस कार्यक्रम का संचालन जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा जिला प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा किया। जाता है। विद्यालय स्तर पर ग्राम प्रधान, ग्राम शिक्षा समिति, अभिभावक एवं जन प्रतिनिधियों की सहभागिता एवं सहयोग लिया जाता है।
रुचिपूर्ण शिक्षण विधा के सफल क्रियान्वयन हेतु जनपद स्तर पर जिला अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी एवं पंचायती राज व्यवस्था के अन्तर्गत अध्यक्ष, जिला पंचायत, नगर पंचायत, विकास खण्ड प्रमुख ग्राम प्रधान की सहभागिता एवं सहयोग प्राप्त होता है।
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